Copy paste फेसबुक सेवा सत साहेब Path prakash Vani Facebook Copy Paste Seva दादू का अंग हैरान का अंग जरना का अंग पतीव्रता का अंग सुमिरन का अंग गुरुदेव का अंग सबही दोहे Ch 1 Click me 1.दर्श बिना दुख बहुत है , जैसे जल बिन मिन। 2.दासा तन जो ध्रु को आया , दिया राज वैकुंठ पठाया। 3.काग़ भूसूंड दासन का दासा, जाका कबहु ना होवें नासा.... 4.दास भाव राम धर आये , सूर तैतिसो बंद छूताए.... 5.दास भाव हनुमंत को किन्हा, सो तो भेंट राम को दिंहा... 6.हनुमान सा दास ना कोई , सूर नर मुनि जन गंधरव जोई। 7.केशव बंजारा भया , बाल्द भरी बिचार... मन इच्छा पुरन करी , खुद कबीर केशव अवतार.... 8.हनुमान पुरुषार्थ भारी , दाशातन है अधिकारी... 9.देखो तीन लोक के अंसा, चाहे राज पाठ कुल बंशा..... 10.देखो भरत राज नहीं चाहा , जीती त्रिगुनी माया.... पृथ्वी ऊपर आसन किन्हा , पाट पतंभर सब तज दिंहा.... 11.गरीब , तैतिसो के कारणे, राम धरे...
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